हसीन अदाओ का प्रेम जाल

हसीन अदाओ का जब जाल बिछ जायेगा
तेरा पूरा वजूद जलवों के जाल में फस जायेगा
कातिल निगाहों का जादू काली घटा बन कर
अखियों के रास्ते तेरी रग-रग में असीम नशा भर जायेगा
बाहों की सलाखों का मखमली पिंजरा जब बदन पे कब्जा जमायेगा
शरीर का कतरा-कतरा भूकम्प के झटके खायेगा
तू लाख कोशिश कर ले मर्दानगी का हर जज्बा दम तोड़ जायेगा
हर लम्हा अरे पगले वही दफन हो जायेगा
कब्र में दफन एहसास को केवल यही याद आयेगा
जान मेरी कर दो रहम इस बीमार पर
ये उबलता ज्वालामुखी बिना फटे नही रह पायेगा
जिन्दगी वीरान है बिन तेरे
हूँ गुलाम तेरे प्रेम का तेरे अहसासों के सजदे करता चला जायेगा

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