वक्क्षो की मादकता

वक्क्षो पे सर रखने को दिल करता है
चोटी पे मिटने को दिल करता है
ऊँचाई से पिघलने को दिल करता है
घाटी मे डूबने को दिल करता है
स्वछंद कमलो को छु लेने को दिल करता है
प्रेम भरे कलशो मे सागर-मंथन को दिल करता है
प्यासे होटो मे भर लेने को दिल करता है
भँवरा बन, कैद होने को दिल करता है

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