सजनी त्यौहार मना कर आयीं है
दुरिया दिल में तूफान भर के लायी है
कुछ तो मिलने में वक़्त लग जायेगा
वरना इस प्रेमी का दिवाला निकल जायेगा
दो वक़्त उन्हें अपनी हसीना के प्रेम रस पान का
वरना एक प्यारा दोस्त, कलियों का प्रेमी
जंजीरों में जकड़ जायेगा
मुझे न कहना याद नही दिलाया था
दीपक बुझने से क्यूँ नहीं बचाया था
जलने दो उसको भी अपनी प्रेमिका के प्यार में
बिखरने दो उसके अहसास को हसीन तूफान में
भाटा उतर जायेगा, उपस्थिति दर्ज करा जायेगा
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